जिला उपभोक्‍ता फोरम शाहजहॉंपुर

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जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष फोरम, शाहजहॉंपुर

उपभोक्‍ता के हि‍तों के श्रेष्‍ठतर संरक्षण और उपभोक्‍ता वि‍वादों के सरल प्रक्रिया द्वारा कम लागत में शीघ्र व समुचि‍त समाधान के लि‍ए भारतीय संसद द्वारा दि‍नांक 24 दि‍सम्‍बर, 1986 को उपभोक्‍ता संरक्षण अधि‍नि‍यम, 1986 (1986 का अधि‍नि‍यम संख्‍याक 68) पारि‍त कि‍या गया है। यह अधि‍नि‍यम दंडात्‍मक या नि‍रोधक स्‍वरूप का न होकर क्षति‍पूरक स्‍वरूप का है। यह अधि‍नि‍यम चार अध्‍यायों में वि‍भक्‍त है। अधि‍नि‍यम का अध्‍याय 1 परि‍चयात्‍मक है जि‍समें परि‍भाषाएं व अधि‍नि‍यम के वि‍स्‍तार, प्रारम्‍भ और लागू होने सम्‍बन्‍धी उपबंध हैं। अध्‍याय 2 के अंतर्गत केन्‍द्र, राज्‍य एवं जि‍ला स्‍तर पर उपभोक्‍ता संरक्षण परि‍षद् के गठन व उनके उद्देश्‍य सम्‍बन्‍धी उपबंध हैं। अध्‍याय 3 के अंतर्गत उपभोक्‍ता वि‍वाद प्रति‍तोष अभि‍करणों अर्थात जि‍ला मंच, राज्‍य आयोग व राष्‍ट्रीय आयोग के गठन, अधि‍कारि‍ता व उनकी कार्य प्रक्रिया आदि‍ से संबधि‍त उपबंध हैं। अध्‍याय 4 के अन्‍तर्गत उपबंधों को कार्यान्वित करने के लि‍ए केन्‍द्रीय सरकार व राज्‍य सरकार को अधि‍सूचना द्वारा नि‍यम बनाये जाने की शक्‍तियॉं प्रदान कि‍ये जाने संबंधी प्रावधान हैं। इसी प्रावधान के अंतर्गत अधि‍नि‍यम की धारा 30 की उपधारा 2 के अधीन शक्‍ति का प्रयोग करके प्रदेश सरकार द्वारा अधि‍सूचना संख्‍या सीपी 72/ उन्‍तीस-10-सीपी(8)-87 दि‍नांक 31 अगस्‍त, 1987 के माध्‍यम से उत्‍तर प्रदेश उपभोक्‍ता संरक्षण नि‍यमावली, 1987 प्रख्‍यापि‍त की गयी है।

 

प्रदेश में राज्‍य आयोग / जि‍ला मंचों की स्‍थापना

उत्‍तर प्रदेश उपभोक्‍ता संरक्षण नि‍यमावली, 1987 के प्रख्‍यापन के पश्‍चात उपभोक्‍ता वि‍वाद संबंधी न्‍यायि‍क मामलों के समुचि‍त समाधान हेतु दिनॉंक 5.2.1988 को राजधानी लखनऊ में राज्‍य आयोग और तत्‍कालीन 12 मण्‍डलीय मुख्‍यालयों आगरा, बरेली, मुरादाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, फैजाबाद, झांसी, कानपुर नगर, मेरठ, नैनीताल एवं देहरादून पर जि‍ला मंचों की स्‍थापना राज्‍य सरकार द्वारा की गई। माह दि‍सम्‍बर, 1989 में तत्‍समय के अवि‍भाजि‍त प्रदेश के शेष 51 जि‍लों में भी जि‍ला मंच स्‍थापि‍त कि‍ये गये। जिसमें से शाहजहॉंपुर भी एक है  वादों की बढ़ती संख्‍या एवं उपभोक्‍ताओं को त्‍वरि‍त न्‍याय दि‍लाने के उद्देश्‍य से दि‍नांक 7.9.1995 को चार जि‍लों लखनऊ, मुरादाबाद, आगरा एवं बरेली में एक-एक अति‍रि‍क्‍त जि‍ला मंच की स्‍थापना की गयी, जि‍ससे तत्‍समय प्रदेश में जि‍ला मंचों की संख्‍या बढ़कर 67 हो गयी। मार्च 1997 में अम्‍बेदकर नगर, महोबा, संत रवि‍दास नगर(भदोही), कुशीनगर (पडरौना) एवं ऊधमसि‍हं नगर मे भी जि‍ला मंच स्‍थापि‍त कि‍ये गये। माह मई 1998 में 7 जि‍लों रूद्रप्रयाग, कन्‍नौज, औरेया, बागपत, संत कबीरनगर, बागेश्‍वर एवं चम्‍पावत में जि‍ला मंच के गठन की अधि‍सूचना जारी कर दी गयी, लेकि‍न पदों का सृजन नहीं हुआ था। उत्‍तरांचल राज्‍य के गठन के परि‍णाम स्‍वरूप 13 जि‍ला मंच पौड़ी गढ़वाल, टि‍हरी गढ़वाल, उत्‍तरकाशी, चमोली, देहरादून, हरि‍द्वार, नैनीताल अल्‍मोड़ा, पि‍थौरागढ़, ऊधमसिं‍ह नगर रूद्रप्रयाग, बागेश्‍वर एवं चम्‍पावत उत्‍तरांचल में चले गये।पश्चात में कन्नौज, बागपत, औरैया एवं संत कबीर नगर जिला फोरमों हेतु दिनांक 1.10.2007 को पदों कासृजन हुआ। पश्चात में जि‍ला फोरम, कांशीराम नगर हेतु दिनांक 24.08.09 को पदों का सृजन हो जाने के बादप्रदेश मे जि‍ला मंच की कुल संख्‍या 75 हो गयी है।

 

सदस्‍या

श्रीमती गरिमा यादव

 

अध्‍यक्ष

श्री आर. के. मित्‍तल

एच. जे. एस.

सदस्‍य

श्री सुरेश पाल